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Monday, April 16, 2012

निर्मल बाबा को जारी होगा नोटिस, भक्‍त ने लगाया बीमार करने का आरोप - Fraud nirmal Baba

निर्मल बाबा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है। ताजा शिकायत मेरठ की अदालत में दर्ज  कराई गई है। निर्मल बाबा के भक्त रहे हरीशवीर सिंह का आरोप है कि निर्मल बाबा से मुलाकात के लिए उनसे 11 हजार रुपए लिए गए थे। यह रकम देने के बाद जब मुलाकात हुई तो उनसे कहा गया कि मीठी खीर खाने से दिक्कतें दूर हो जाएंगी। सिंह का कहना है कि ज्‍यादा खीर खाने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्‍होंने कहा कि वह डॉक्टर के पास गए तो पता चला कि उन्हें शुगर की बीमारी है।


बकौल सिंह, जब डॉक्‍टरी इलाज के बाद उनका स्वास्थ्य ठीक होने लगा तब निर्मल बाबा की ओर से उन्हें फोन आया और कहा गया कि आप समागम में आइये और अपने स्वस्थ होने की बात रखिए। लेकिन हरीश ने इंकार कर दिया। पेशे से लेक्चरर  हरीश ने अब मेरठ कोर्ट में शिकायत देकर निर्मल बाबा के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उनकी अर्जी पर एक मई को सुनवाई होगी।


मुजफ्फरपुर (बिहार) में सीजेएम कोर्ट में भी निर्मल बाबा के खिलाफ ऐसी ही शिकायत की गई है। सीजीएम ने प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी रंजुला भारती को जांच का आदेश देते हुए दो मई को मामले की अगली सुनवाई तय की है।


भोपाल में भी बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। सिटी एसपी का कहना है कि अभी शिकायतकर्ता का पक्ष जाना गया है। हमने पुलिस को निर्देशित किया है कि पूरे मामले की जांच करे। फिर हम निर्मल बाबा का पक्ष जानने के लिए उन्हें नोटिस जारी करेंगे और जरूरत हुई तो उनसे पूछताछ भी करेंगे। हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि क्या वाकई निर्मल बाबा लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। हालांकि यूपी पुलिस ने बाबा को राहत  देते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग ठुकरा दी है।

इस बीच, झारखंड के एक परिवार ने निर्मल जीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा पर भगोड़ा होने का आरोप लगाया है। झारखंड से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘प्रभात खबर’ ने यह दावा किया है।  

अखबार के मुताबिक निर्मल बाबा करीब एक साल तक पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रहे थे। यहां वह ज्योति पहाड़ी पर कायनाइट पत्थर का खनन करवाते थे। बहरागोड़ा में उन्होंने नागेंद्र नाथ राय के मकान में दो कमरे किराये पर लिया था।  

लेकिन करीब एक साल रहने के बाद 1999 में वह कमरों में ताले लगा कर अचानक गायब हो गए। फिर कभी नहीं लौटे। उन्होंने पांच महीने का मकान भाड़ा भी नहीं चुकाया था।

ताला लगा कर गायब हो गए
अखबार के मुताबिक मकान मालिक नागेंद्र नाथ राय बताते हैं कि निर्मल बाबा ने 1998 में दो कमरा भाड़े पर लिया था। उस समय उन्हें सब निर्मल जीत सिंह के रूप में ही जानते थे। उनके साथ उनका एक सहयोगी भी रहता था। दोनों कमरों का भाड़ा तीन सौ रुपये निर्धारित किया गया था।
शुरुआत में निर्मल बाबा तय किराया चुकाते रहे। फिर कुछ आर्थिक परेशानी बता बाद में भाड़ा देने को कहा। उन्होंने पांच माह तक किराया नहीं चुकाया। इसके बाद 1999 में निर्मल बाबा और उनके सहयोगी दोनों कमरों में ताले लगा कर अचानक गायब हो गए।

अजमेर में पुतला फूंका
देश भर में निर्मल बाबा का विरोध हो रहा है। अजमेर में कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर एवं युवक कांग्रेस लोकसभा क्षेत्र के महासचिव सर्वेश पारीक की अगुवाई में रविवार को युवा कार्यकर्ताओं ने निर्मल बाबा का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने धर्मप्रेमियों की भावना के साथ कुठाराघात करने पर आक्रोश जताया। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्षद एवं महासचिव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर बाबा के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताते हुए नारेबाजी की गई। बाद में पुतला फूंका(तस्‍वीर में)।





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Sunday, April 15, 2012

Case lodged against Nirmal Baba disciples for forgery

Ludhiana, Apr 15 (PTI) A case has been registered against five disciples of self-styled Godman Nirmal Baba for allegedly withdrawing Rs 1.7 crore from the Baba's account through a forged cheque, police said here today. Acting on a complaint by the manager of a local branch of the Punjab National Bank, the case has been registered against local trader Inderjit Singh Anand, his wife Poonam, their sons Ajay Anand and Harish Anand and a family friend, they said. The FIR has been registered under various sections of the IPC including those related with forgery, fraud, impersonation and conspiracy, they said. The cheque was deposited in their joint account here in the branch in the month of February last, they said. During preliminary investigations, the original cheque issued by the bank, with the same number, was found to be lying blank in the cheque book at Nirmal Darbar in New Delhi, they said. The bank suspects that the huge amount was withdrawn through a forged cheque, they said. Police commissioner Ishwar Singh said a Special Investigation Team headed by a senior IPS officer has been set up to look into the matter. "The police are working on various theories to find out the truth. Even the genuineness of the signatures of Nirmal Baba is being looked into," Singh said.



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Saturday, April 14, 2012

निर्मल बाबा से 40 फीसदी दानदाताओं ने झाड़ा पल्ला

नई दिल्‍ली. कृपा का कारोबार करने का आरोप झेल रहे निर्मल बाबा की मुसीबत बढ़ सकती है। उन्‍होंने शुक्रवार को 'आज तक' को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि उनका सालाना टर्न ओवर 235-240 करोड़ रुपये का है और वह पूरी रकम पर इनकम टैक्‍स देते हैं। लेकिन शनिवार को 'प्रभात खबर' ने उनके खातों से जुड़ी जो जानकारी सार्वजनिक की है, उससे बाबा की बात पूरी तरह सच नहीं लगती। इसके मुताबिक निर्मल बाबा के दो खाते हैं। एक निर्मल दरबार के नाम से (जिसका नंबर टीवी पर चलता रहता है) और दूसरा निर्मलजीत सिंह नरूला के नाम से। इस खाते का नंबर है 1546000102129694। यह खाता नंबर टीवी पर नहीं दिखाया जाता। इस खाते में चार जनवरी 2012 से 13 अप्रैल 2012 के बीच 123 करोड़ (कुल 1,23,02,43,974) रुपये जमा हुए। इस राशि में से 105.56 करोड़ की निकासी भी हुई। 13 अप्रैल को इस खाते में 17.47 करोड़ रुपए बचे थे।

निर्मल बाबा को विभिन्न प्रकार के जमा पर 13 मई 2011 से 31 मार्च 2012 तक के बीच ब्‍याज के रुप में 85.77 लाख रुपये मिले। बाबा की कमाई पर अब इनकम टैक्‍स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की भी नजर है। संभव है, जल्‍द ही बाबा को इनके सामने सफाई भी देनी पड़े। आयकर विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फाइनांशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआइयू) इस बात पर नजर रखे हुए है कि निर्मल बाबा कितना कमाते हैं और कहां खर्च करते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एफआईयू निर्मल बाबा की आय के स्रोतों के अलावा इस बात की भी जांच कर सकती है कि बैंक खातों के अलावा निर्मल बाबा को और किन-किन माध्यमों से पैसे दिए गए और उन्होंने कहां-कहां निवेश किया है। बाबा को विदेशों से मिले फंडिंग पर भी पूछताछ हो सकती है। यदि उन्‍होंने पैसों को विदेशी खातों में ट्रांसफर किया है तो इस बात की भी जांच की जाएगी। बाबा ने 25 करोड़ की एफडी भी करा रखी है।

इस बीच ऐसा भी लग रहा है कि बाबा पर भक्‍तों की 'कृपा' घट गई है। 'प्रभात खबर' की रिपोर्ट के मुताबिक निर्मल दरबार के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में खुले खाते (संख्या 002-905-010-576) में शुक्रवार को सिर्फ 34 लाख रुपये जमा किये गये। पहले इस खाते में प्रतिदिन औसतन एक करोड़ रुपये जमा किये जा रहे थे। पहले औसतन चार से साढ़े चार हजार लोग प्रतिदिन निर्मल बाबा के खाते में राशि जमा कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार शाम पांच बजे तक देश भर के 1800 लोगों ने ही बाबा के आईसीआईसीआई बैंक खाते में राशि जमा की थी। यानी 40 फीसदी कम। बाबा को लेकर लोगों में संदेह बढ़ने की बात इंटरनेट सर्च ट्रेंड से भी साबित हो रही है। लोग बड़ी संख्‍या में गूगल पर निर्मल बाबा फ्रॉड की वर्ड  डाल कर सर्च कर रहे हैं।

बाबा पुलिस और अदालत के शिकंजे में भी फंस सकते हैं। उनके खिलाफ चार शहरों में शिकायतें दर्ज हो गई हैं और लोग सड़कों पर भी उतर रहे हैं। नागपुर में अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने निर्मल बाबा के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्याध्यक्ष उमेश चौबे व महासचिव हरीश देशमुख के नेतृत्व में मोर्चा निकाला गया। केंद्र सरकार से मांग की गई कि निर्मल बाबा के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण चलाए। प्रदर्शन में फिरा के उपाध्यक्ष व तर्कशील संस्था पंजाब के अध्यक्ष बलविंदर बरनाला के अलावा अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। समिति बाबा को अपनी चमत्‍कारिक शक्ति दिखाने की चुनौती भी दे चुका है।  (निर्मल बाबा की हकीकत जानिए)