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Friday, April 13, 2012

सवालों के घेरे में निर्मल बाबा!

टीवी चैनलों पर समागम में लोगों का दुख दूर करने का दावा करने वाले निर्मल बाबा इनदिनों सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ट्विटर पर 26 मार्च को दोपहर एक बजे तक उन्हें 36, 968 लोग फॉलो कर रहे हैं। फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे करीब 2.98 लाख लोग पसंद करते हैं। इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं।

लेकिन सभी लोग निर्मल बाबा की तारीफ नहीं कर रहे हैं। फेसबुक पर कई लोग उन पर और उनके दावों पर संदेह भी जता रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स धर्मेंद्र सिंह बघेल ने फेसबुक पर टिप्पणी करते हुए निर्मल बाबा को पैसे लेने वाला बाबा बताया है। जुगनू शार्देय ने लिखा, 'सिंपली फ्रॉड।' अनुराधा झा ने लिखा, 'बहुत चालाक आदमी है...आपको हाथ दिखाएगा तो आप पर ऊपर वाले की कृपा हो जाएगी...सिर्फ टीवी देखने से भी भला होता है।' वहीं, अरुण साठी ने लिखा, 'महाठग जो बुद्धू लोगों को चूना लगा रहा है और लोग हंस रहे है..पता नहीं लोग कब समझेंगे भगवान और आदमी का फर्क..?'

केपी चौहान ने लिखा, 'निर्मल बाबा की दुकान बहुत जोर से चल रही है। जनता जिनके दरबार में जाकर सब भूल जाती है क्योंकि माया का ड्राफ्ट तो वे पहले ही ले लेते हैं।'

दीपाली सांगवान ने निर्मल बाबा द्वारा समागम में लिए जाने वाले शुल्क के बारे में जानकारी दी है, 'निर्मल बाबा का प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन चार्ज 2 हजार रुपये है और 2 साल की उम्र से ज़्यादा के बच्चों को भी रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है।'

झारखंड के एक प्रतिष्ठित अखबार के संपादक ने फेसबुक पर निर्मल बाबा की तस्वीर के साथ यह टिप्पणी की है, 'ये निर्मल बाबा हैं। पहली बार टीवी पर उन्हें देखा। भक्तों की बात भी सुनी। पता चला..यह विज्ञापन है. आखिर बाबाओं को विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ती है? सुनने में आया है...ये बाबा पहले डाल्टनगंज (झारखंड) में ठेकेदारी करते थे?'


कौन हैं निर्मल बाबा
निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में उनकी आधिकारिक वेबसाइट निर्मलबाबा. कॉम पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस वेबसाइट पर उनके कार्यक्रमों, उनके समागम में हिस्सा लेने के तरीकों के बारे में बताया गया है और उनसे जुड़ी प्रचार प्रसार की सामग्री उपलब्ध है। लेकिन
एक अन्य वेबसाइट निर्मलबाबा.नेट.इन उनके बारे में कई दावे करती है। हालांकि, निर्मलबाबा.कॉम में बताया गया है कि निर्मलबाबा.नेट.इन एक फर्जी वेबसाइट है।

निर्मलबाबा.नेट.इन वेबसाइट के मुताबिक निर्मल बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं और भारत में वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इस वेबसाइट पर उन्हें दैवीय मनुष्य बताया गया है। उनकी शान में कसीदे गढ़ते हुए बताया गया है कि किसी भी इंसान का सबसे बड़ा गुण 'देना' होता है और निर्मल बाबा लंबे समय से लोगों को खुशियां दे रहे हैं।

निर्मलबाबा.नेट.इन के मुताबिक निर्मल बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) है। कई लोग मानते हैं कि रहस्यमयी छठी इंद्रिय विकसित होने से मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है। निर्मलबाबा.नेट.इन के मुताबिक निर्मल बाबा की छठी इंद्रिय विकसित है। शायद इसलिए उनके समागम का शीर्षक ही 'थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा' होता है।


निर्मलबाबा.नेट.इन के अनुसार, 'निर्मल बाबा नई दिल्ली में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु हैं। वे 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे। लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया। ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं। ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है। निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है। वे किसी भी मनुष्य के बारे में टेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं। उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है।' जब दैनिकभास्कर.कॉम ने निर्मल बाबा के बारे में जानने के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की तो नंबर लगातार व्यस्त रहे।


विदेशों तक हो रहा है टीवी पर प्रसारण
निर्मल बाबा के समागम का प्रसारण देश के तकरीबन 30 टीवी चैनलों पर सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर होता है। वहीं, विदेशों में भी निर्मल बाबा के समागम टीवी पर देखे जा सकते हैं। टीवी एशिया, एएक्सएन जैसे चैनलों पर मध्य पूर्व, यूरोप से लेकर अमेरिका तक उनके समागम का प्रसारण हो रहा है।

दिल्ली में 26 अगस्त तक समागम की बुकिंग बंद
निर्मल बाबा के समागमों की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कि नई दिल्ली में 26 अगस्त तक समागम के लिए उनकी बुकिंग बंद है। निर्मल बाबा की आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है। साथ में यह भी बताया गया है कि बाबा जी से निजी या फोन पर अप्वॉइंटमेंट बंद कर दिया गया है।


उठ रहे हैं सवाल
रहस्यम आध्यात्मिक गुरु निर्मल बाबा के दावों पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। इंडीजॉब्स. हबपेजेस.कॉम वेबसाइट पर निर्मल बाबा की कार्यशैली और दावों पर कुछ सवाल उठाए गए हैं। हबपेजेस.कॉम पर कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के आर्टिकल प्रकाशित कर सकता है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है कि ऐसे आर्टिकल प्रकाशित करने पर क्लिक के आधार पर वह पैसे भी कमा सकता है।

इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख 'इज निर्मल बाबा अ फ्रॉड' में कहा गया है कि उनके इतिहास के बारे में बेहद कम जानकारी उपलब्ध है। वेबसाइट के मुताबिक, 'वे वर्तमान में समागम के अलावा क्या करते हैं और अपने भक्तों से मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से वे क्या कर रहे हैं, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर प्रकृति ने उन्हें दैवीय शक्ति दी है, तो वे लोगों से पैसे लेकर क्यों उनका भला कर रहे हैं? निर्मल बाबा के समागम में जाने के लिए किसी भी शख्स को बैंक चालान कटवाना पड़ता है। इसके बाद कई प्रक्रियाओं से गुजरते हुए अंत में उसे चालान की एक प्रति अपने फोटो पहचान पत्र के साथ ले जाने पर उसे समागम में जाने के लिए प्रवेश मिलता है। सवाल उठता है कि बड़े-बड़े दावे करने वाले किसी आध्यात्मिक गुरु को अपने भक्त को पहचानने के लिए क्या किसी फोटो पहचान पत्र की जरूरत है?' लेख के मुताबिक अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।



Source : www.24dunia.com/hindi-news/shownews/0/सवालों-के-घेरे-में-निर्मल-बाबा/90177913.html

टीवी एक्‍ट्रेस का खुलासा, पैसे देकर प्रश्‍न पुछवाते हैं बाबा

अपने चमत्‍कार और शक्ति से लोगों के दुख हरने वाले निर्मल बाबा के संबंध में एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। इस खुलासे में सीधे तौर पर कहा गया है कि निर्मल बाबा ठग हैं और पैसे देकर अपने ही सहयोगियों से प्रश्‍न पुछवाते हैं। यह खुलासा किया है वेबसाइट भड़ास फॉर मीडिया ने। इस साइट पर प्रकाशित खबर की मानें तो टीवी सीरियल में काम कर चु‍की जुनियर आर्टिस्‍ट ने इस पूरे मसले से पर्दा उठाया है।

कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी जूनियर आर्टिस्ट निधि ने बताया कि अपने प्रारंभिक दिनों में ठगी का धंधा चमकाने के लिए ठग निर्मल बाबा नोएडा की फिल्म सिटी में स्थित एक स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग करवाते थे। उस वक्त बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या के हल होने का दावा करते थे, वे लोग असली न होकर जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे। निधि ने बताया कि उन जूनियर आर्टिस्टों की लिस्‍ट में उसका भी नाम था।

निधि का कहना है कि निर्मल बाबा सवाल पूछने के लिये उसे 10 हजार रुपये देते थे। बाबा की पोल खोलते हुए निधि कहती हैं कि शुरू के दो महीने तक निर्मल बाबा ने अपने ही आदमियों और जूनियर आर्टिस्टों से प्रश्‍न पुछवाया।




source :http://hindi.oneindia.in/news/2012/04/09/india-nirmal-baba-bhadas-4-media-tv-actress-fraud-aid0129.html

जानिए क्या है निर्मल बाबा की शक्ति का रहस्य

मीडिया में सुर्खिया बटोर रहे निर्मल बाबा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। ह‌िंदी भाषी राज्यों में यह नाम एक घरेलू नाम की तरह लोगों के दिलो-दिमाग से जुड़ गया है। देश-विदेश में देखे जाने वाले प्रमुख चैनलों के माध्यम से अपने लाखों भक्‍तों की समस्‍याओं को चुटकियों में सुलझाने का दावा करने वाले निर्मल बाबा उर्फ निर्मल जीत सिंह नरूला को लेकर सोशल साइट्स और इंटरनेट पर खूब टिप्‍पणियां की जा रहीं हैं। इंटरनेट पर एक खास वर्ग लगातार निर्मल बाबा को कठघरे में खड़ा कर सवाल-दर-सवाल कर रहा है। निर्मल बाबा के दावों पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं, वहीं उनके लाखों समर्थकों में गुस्सा भी देखने को मिल रहा है।

कौन हैं ये निर्मल बाबा
निर्मल बाबा उर्फ निर्मल जीत सिंह नरूला एक आध्यात्मिक गुरू है, जो दिल्ली की कैलाश कालोनी में रहते हैं। इससे पूर्व ये झारखंड के डाल्टनगंज में ठेकेदारी का काम करते थे। निर्मल बाबा के अधिकार‌िक वेबसाइट के अनुसार निर्मल बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) है। कहते हैं कि इस रहस्यमयी छठी इंद्रिय के विकसित होने से मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है।

छठी इंद्री का कुंडलिनी से गहरा ताल्लुक
वैसे छठी इंद्री का वर्णन भारत के प्राचीन शास्त्रों में भी मिलता है। योग शास्त्र सहित अन्य शास्त्रों में वर्णित इस विद्या को ध्यान, तप और प्रणायाम के बल इसे प्राप्त किया जा सकता है। छठी इंद्री का कुंडलिनी से गहरा ताल्लुक होता है। कुंडलिनी जागृत करने के पश्चात मनुष्य त्रिकालदर्शी बन जाता है। लेकिन कुंडलिनी जागृत करने के लिये कठिन साधना की जरूरत होती है। ये एक सतत प्रक्रिया है, जब दैहिक शुद्धि के पश्चात, मानसिक शुद्धि अनिवार्य होती है। शास्त्रों में इस क्रिया में गुरू की असीम भागीदारी को भी जरूरी बताया गया है। इसका इस्तेमाल शास्त्रों में सिर्फ मानवीय हितों को साधने के निहित किया गया है। इन तंत्र-मंत्रों के बल पर मनुष्य अतीत, वर्तमान और भविष्य को आसानी से देख, सुन और समझ सकता है।

बाबा के पास रहस्मय शक्ति है!
वेबसाइट के अनुसार निर्मल बाबा 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे, लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया। ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं। ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है। निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है। वे किसी भी मनुष्य के बारे में टेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं। उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है।

26 अगस्त तक समागम की बुकिंग बंद
निर्मल बाबा के एक समागम में शामिल होने के लिये प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये का पंजीकरण कराना होता है। दो साल से ऊपर हर व्यक्ति को समागम में हिस्सा लेने के लिये पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस समागम में प्रवेश के लिये दो हजार रुपये का पंजीकृत स्लिप और एक पहचान-पत्र की जरुरत होती है। बिना इन कागजातों के किसी का भी प्रवेश निषेध है। निर्मल बाबा के समागमों की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कि नई दिल्ली में 26 अगस्त 2012 तक समागम के लिए उनकी बुकिंग बंद है।

फेसबुक पर हैं 32 लाख प्रशंसक
टीवी और इंटरनेट के जरिए निर्मल बाबा पूरे भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी रोज लोगों तक पहुंचते हैं। निर्मल बाबा के समागम का प्रसारण देश-विदेश के तकरीबन 39 टीवी चैनलों पर सुबह से लेकर शाम तक रोजाना करीब 25 घंटे अलग-अलग समय पर किया जा रहा है। भारत में विभिन्न समाचार, मनोरंजन और आध्यात्मिक चैनलों के अलावा विदेशों में टीवी एशिया, एएक्सएन जैसे चैनलों पर मध्य पूर्व, यूरोप से लेकर अमेरिका तक उनके समागम का प्रसारण हो रहा है। फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे करीब 32 लाख लोग पसंद करते हैं। इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं। ट्विटर पर उन्हें 50 हजार लोग फॉलो कर रहे हैं।

प्रतिदिन करोड़ों की आमदनी
अब सवाल ये उठता है कि आखिर निर्मल बाबा ने पिछले दस सालों में ऐसा क्या किया कि वे आज एक असाधारण रहस्मय शक्ति के माल‌िक बन बैठे है? इस रहस्मय शक्ति की बदौलत करोड़ों रुपये प्रतिदिन की आमदनी अर्जित करने वाले निर्मल बाबा देश के उन गरीबों और लाचारों को अपना आशीर्वाद क्यों नहीं देते जिन्हें दो जून की रोटी के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है।



source: http://www.amarujala.com/National/nat-secret-power-of-Nirmal-Baba-25508.html

धंधा नहीं चला तो निर्मल बाबा बन गया

निर्मल बाबा की परत दर परत सच्चाई सामने आनी शुरू हो गयी है. निर्मल बाबा भले ही धर्म की धंधेबाजी के कारण अब चर्चा में आ रहा है लेकिन उसके एक रिश्तेदार इंदर सिंह नामधारी झारखण्ड के ईमानदार और रसूखवाले नेताओं में गिने जाते हैं. निर्मल सिंह इन्हीं इंदर सिंह नामधारी का सगा साला है. यानी नामधारी की पत्नी मलविन्दर कौर का सगा भाई.
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा पहुंचे नामधारी झारखण्ड के दो बार विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उनके सामने निर्मल का नाम लेने पर कई राज खुलते हैं. मीडियादरबार के संचालक धीरज भारद्वाज निर्मल बाबा की खोजबीन के दौरान नामधारी से संपर्क करने में कामयाब हो गये और नामधारी ने भी बिना लाग लपेट के स्वीकार कर लिया कि वह उनका सगा साला है, लेकिन उसका जो कुछ भी काला है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है. इंदर सिंह नामधारी कहते हैं कि वे खुद कई बार निर्मल को सलाह दे चुके हैं कि वह लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करे, लेकिन वह सुनता नहीं है.
नामधारी स्वीकार करते हैं कि शुरुआती दिनों में वे खुद निर्मल नरुला को अपना कैरीयर संवारने में खासी मदद कर चुके हैं। धीरज भारद्वाज से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनके ससुर यानी निर्मल के पिता एसएस नरूला का काफी पहले देहांत हो चुका है और वे बेसहारा हुए निर्मल नरूला की मदद करने के लिए उसे अपने पास ले आए थे। लाइमस्टोन की ठेकेदारी से लेकर कपड़े के कारोबार तक निर्मल को कई छोटे-बड़े धंधों में सफलता नहीं मिली तो वह बाबा बन गया।

जब धीरज भारद्वाज ने नामधारी से निर्मल बाबा के विचारों और चमत्कारों के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वे इससे जरा भी इत्तेफाक़ नहीं रखते। उन्होंने कहा कि वे विज्ञान के छात्र रहे हैं तथा इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर चुके हैं इसलिए ऐसे किसी भी चमत्कार पर भरोसा नहीं करते। इसके अलावा उनका धर्म भी इस तरह की बातें मानने का पक्षधर नहीं है।

”सिख धर्म के धर्मग्रथों में तो साफ कहा गया है कि करामात कहर का नाम है। इसका मतलब हुआ कि जो भी करामात कर अपनी शक्तियां दिखाने की कोशिश करता है वो धर्म के खिलाफ़ काम कर रहा है। निर्मल को मैंने कई दफ़ा ये बात समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका लक्ष्य कुछ और ही है। मैं क्या कर सकता हूं?” नामधारी ने सवाल किया। उन्होंने माना कि निर्मल अपने तथाकथित चमत्कारों से जनता से पैसे वसूलने के ‘गलत खेल’ में लगे हुए हैं जो विज्ञान और धर्म किसी भी कसौटी पर जायज़ नही ठहराया जा सकता।
ठेकेदार निर्मल नरूला से निर्मल बाबा तक: निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा विवाह के बाद करीब 1974-75 के दौरान झारखंड गया था और वहां उसने लाईम स्टोन का व्यवसाय शुरू किया, मगर उसमें सफल नहीं हुआ. इसके बाद झारखण्ड के ही गढ़वा में कपड़े का व्यवसाय शुरू किया, लेकिन वहां भी सफल नहीं हो सका. एक वक्त ऐसा भी था कि ये निर्मल बाबा काफी परेशानियों से जूझ रहा था. तब बिहार में मंत्री रहे इंदर सिंह नामधारी ने माइनिंग का एक बड़ा काम इसे दिलवाया था. तब यह ठेकेदारी का काम करता था. उसी कार्य के दौरान इस उसके रिश्तेदारों ने प्रचार करना शुरू कर दिया कि बाबा को ज्ञान की प्राप्ति हो गई है.

source: http://visfot.com/home/index.php/permalink/6164.html

पूर्व सहयोगी का दावा-निर्मल, बाबा नहीं ढोंगी हैं

निर्मल बाबा का 'सच' सामने आता जा रहा है। निर्मल बाबा के पूर्व सहयोगी पंडित अजय गौतम ने एक निजी चैनल पर खुलासा किया है कि निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा को किसी तरह का आध्यात्मिक या धार्मिक ज्ञान नहीं है। पंडित अजय गौतम के मुताबिक निर्मल बाबा को ज्योतिष, शोडष उपचार, संस्कार, मंत्र और योग की जानकारी बिल्कुल नहीं है। इस आधार पर उन्होंने लोगों के दुख दूर करने के निर्मल बाबा के दावों को ढोंग करार दिया। पंडित अजय गौतम ने यह भी कहा कि वह निर्मल बाबा के भुक्तभोगी रहे हैं।


पंडित अजय गौतम ने कहा कि 2003 के आसपास निर्मलजीत नरूला ग्रेटर कैलाश में एक बेसमेंट में प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने, किराए पर देने के साथ-साथ 40-50 लोगों का 'दरबार' लगाते थे। निर्मल खुद 'लाल किताब'  पढ़कर कुछ लोगों को इकट्ठा कर उनके दुख दूर करने का दावा करते थे। बकौल अजय,  'तब बाबा लोगों से पैसे लेकर कमिटी भी चलाते थे। इसके बाद बाबा ने कुछ पीआर एजेंसियों को नियुक्त किया और अपने प्रचार-प्रसार का काम शुरू कर दिया।' वहीं, धर्माचार्य प्रीतम ने निर्मल बाबा पर सवाल उठाया कहा, 'क्या किसी व्यक्ति के पास तीसरी आंख हो सकती है? यह पूरी तरह से ढोंग है।' मनोचिकित्सक संदीप वोहरा ने निर्मल बाबा के कथित उपायों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी बातें करना कहां की सिद्धि है? 


दूसरी तरफ, लोगों पर अपनी ‘कृपा’ बरसाने वाले निर्मल बाबा की अकूत संपत्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निर्मल दरबार के समागम में भाग लेने के लिए भक्‍तों से 2000 रुपये की फीस वसूली जाती है। ये रुपये बाबा और निर्मल दरबार के तीन बैंकों में खातों में जमा होते हैं। ये खाते हैं पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई और यस बैंक में। एक अनुमान के मुताबिक निर्मल दरबार को एक साल में करीब 84 करोड़ रुपये की आमदनी होती है।

एक बैंक अकाउंट में 109 करोड़

दैनिक ‘प्रभात खबर’ ने निर्मल बाबा के बैंक खातों का खुलासा किया है। अखबार ने इन बैंकों में से दो प्रमुख बैंक के खाते का हिसाब हाथ लगने का दावा किया है। अखबार कहता है कि इन बैंकों में एक बैंक के खाते में इस साल (जनवरी 2012 से अप्रैल 2012 के पहले हफ्ते तक) 109 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इस खाते में रोज करीब 1.11 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इस खाते में न सिर्फ झारखंड-बिहार-बंगाल से, बल्कि पूरे देश में पैसे डाले गए हैं।

अखबार का कहना है कि निर्मल बाबा के एक अन्‍य बैंक के खाते में 12 अप्रैल 2012 को करीब 16 करोड़ जमा किए गए। इस बैंक खाते का पता निर्मल दरबार, ई 66, हंसराज गुप्ता मार्ग, ग्रेटर कैलाश, पार्ट वन, दिल्ली 110048 है। दिलचस्‍प यह है कि इस खाते में 12 अप्रैल को सुबह 9.30 बजे से एक बजे तक करीब 14.93 करोड़ रुपये जमा किए गए।

25 करोड़ का फिक्‍स्‍ड डिपोजिट
अखबार कहता है कि एक प्रमुख बैंक में बाबा के नाम 25 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपोजिट भी है। इन खातों में से किसी नीलम कपूर के नाम से ड्राफ्ट बनवाए गए हैं। इसके अलावा कुछ दूसरी कंपनियों के नाम से भी ड्राफ्ट बनाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक निर्मल बाबा खुद दो तरह के खातों का संचालन करते हैं। एक बैंकखाता अपने नाम (निर्मलजीत सिंह नरूला) और दूसरा खाता निर्मल दरबार के नाम से है। निर्मल दरबार के खातों में भक्तों द्वारा रुपया जमा कराये जाने के बाद बाबा उसे अपने खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।

बैंक खातों में सुषमा नरूला का नाम बतौर नॉमिनी दर्ज है। वह निर्मल बाबा की पत्नी हैं। निर्मल दरबार के खाते में जमा कराए गए 109 करोड़ रुपये में से 14.87 रुपये के ड्राफ्ट बनवाए गए। यह ड्राफ्ट डीएलएफ -जीके रेजीडेंसी के नाम से था। डीएलएफ -जीके रेजीडेंसी गुड़गांव में स्थित है।

अखबार का दावा है कि निर्मल बाबा ने अपने इसी बैंक में जमा रुपयों में से मार्च के पहले हफ्ते में 53 करोड़ रुपये एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दिए। मार्च में ही नीलम कपूर के नाम से 1.60 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। बाबा के खाते से अगस्त 2011 में कंपिटेंट होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम 17.89 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट बनाया गया। इसके अलावा एस सालू कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नाम भी 80 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

आपकी बात

सवाल है कि खुद को संत बताने वाले निर्मल बाबा के अकाउंट में जमा होने वाले ये रुपये कहां जाते हैं? इन रुपयों का हिसाब किताब कौन रखता है? क्‍या सरकारी एजेंसियों को इस रकम की कोई जानकारी है? आप अपनी बात नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिख सकते हैं।  

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source: http://www.bhaskar.com/article/NAT-nirmal-baba-bank-accounts-3108564.html?HT2=

निर्मल बाबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत

चतरा (झारखंड) से सांसद और झारखंड विधानसभा के स्‍पीकर रह चुके इंदर सिंह नामधारी ने आज के निर्मल बाबा का अतीत बताया है। बाबा के बारे में कहीं कोई निजी जानकारी आम नहीं है। ऐसे में नामधारी के हवाले से निर्मल बाबा के सच को पूरी दुनिया जान सकती है। बाबा नामधारी के छोटे साले हैं। बुरे दिनों में नामधारी ने उनकी काफी मदद की है।

आज निर्मल बाबा के दुनिया भर में लाखों भक्‍त हैं, लेकिन उनके जीजा नामधारी को उनका तरीका पसंद नहीं आता। नामधारी का दावा है कि निर्मल बाबा उनकी बात नहीं मानते हैं। इस मुद्दे पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए नामधारी ने कहा, 'मैं कहता हूं कि ईश्वरीय कृपा से यदि कोई शक्ति मिली है, तो उसका उपयोग जनकल्याण में होना चाहिए। बात अगर निर्मल बाबा की ही करें, तो आज जिस मुकाम पर वह हैं, वह अगर जंगल में भी रहें, तो श्रद्धालु पहुंचेंगे। फिर प्रचार क्यों? पैसा देकर ख्याति बटोर कर क्या करना है? जनकल्याण में अधिक लोगों का भला हो। मैंने उससे (निर्मल बाबा) कई बार कहा है कि वह टीवी पर न आया करे। लेकिन वह मेरी बात मानता ही नहीं है। अगर कोई रिश्तेदार आपकी बात न माने तो आप क्या कर सकते हैं?'

गौरतलब है कि निर्मल बाबा देश के लगभग हर प्रमुख टीवी चैनल  पर अपना विज्ञापन कराते हैं।  हालांकि हाल के दिनों में उन पर अंधविश्‍वास को बढ़ावा देने के आरोप भी खूब लग रहे हैं। लखनऊ में उनके खिलाफ  पुलिस में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

बकौल इंदर सिंह नामधारी, '1964 में जब मेरी शादी हुई थी, तो उस वक्त निर्मल 13-14 साल के थे। पहले ही पिता की हत्या हो गयी थी। इसलिए उनकी मां (मेरी सास) ने कहा था कि इसे उधर ही ले जाकर कुछ व्यवसाय करायें। 1970-71 में वह मेदिनीनगर (तब डालटनगंज) आये। 1981-82 तक रहे, उसके बाद रांची में 1984 तक रहे। उसी वर्ष रांची का मकान बेच कर दिल्ली लौट गये।' 1981-82 तक वह मेदिनीनगर में रह कर व्यवसाय करते थे। चैनपुर थाना क्षेत्र के कंकारी में उनका ईंट-भट्ठा भी हुआ करता था, जो निर्मल ईंट के नाम से चलता था। लेकिन आज जो उनका चमत्‍कारिक कायाकल्‍प हुआ, उस बारे में उनके करीबी भी ज्‍यादा बात करना नहीं चाहते। 


नामधारी ने मीडिया को बताया है कि निर्मल ने 1998-99 में बहरागोड़ा (झारखंड) में माइंस की ठेकेदारी ली थी। इसी क्रम में उन्हें कोई आत्मज्ञान प्राप्त हुआ। इसके बाद वह अध्यात्म की तरफ मुड़ गये। नामधारी ने बाबा के 'चमत्‍कारिक कायाकल्‍प' के बारे में इससे ज्‍यादा कुछ बोलने से इनकार कर दिया।


निर्मल बाबा के परिवार के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक वह दो भाई हैं। बड़े भाई मंजीत सिंह अभी लुधियाना में रहते हैं। निर्मल बाबा छोटे हैं। मेदिनीनगर (झारखंड) के दिलीप सिंह बग्गा की तीसरी बेटी से उनकी शादी हुई। उनके एक बेटा और एक बेटी है। 1947 में देश के बंटवारे के समय निर्मल बाबा का परिवार भारत आ गया था।
नकली भक्‍तों को सवाल पूछने के दस हजार देते थे निर्मल बाबा!
36 चैनलों पर 25 घंटे रोज चलता है 'निर्मल दरबार'




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source: http://www.bhaskar.com/article/NAT-who-is-nirmal-baba-3098583.html?RHS-badi_khabare=

Baba makes more money than Salman Khan in just few hours

Nirmal Baba charges Rs 2,000 from every participant who wishes to be a part of his commune, 'samagam'. This amount is trasferred directly into the three bank accounts of Nirmal Baba — one each in Punjab National Bank, ICICI Bank and Yes Bank. As per estimates Nirmal Darbar has an annual turnover of approximately 84 crore rupees.
Rs 109 crores in two bank accounts
A Hindi daily, Prabhat Khabar, claims to have details of two of these accounts. As per the newspaper, Rs 109 crore have been deposited in these two accounts this year (until first week of April 2012). Roughly, everyday Rs 1.11 crores are deposited into these accounts. Although a large part of the deposit comes from Bihar, West Bengal and Jharkhand, but transactions take place from all over the country.
Prabhat Khabar states that Rs 16 crore were deposited into Nirmal Baba's account on April 12, 2012.
A fix deposit of Rs 25 crores
The newspaper also claims that a fixed deposit of Rs 25 crores is held by Nirmal Baba in a leading bank. Drafts have been prepared in the name of Neelam Kapoor and some other companies. Nirmal Baba holds two accounts — one in the name of Nirmaljeet Singh Narula (Nirmal Baba's real name), and the other in the anme of 'Nirmal Darbar'. Those seeking participation deposit the 'samagam' entry fees into the account run under the anme of 'Nirmal Darbar', and the Baba then tranfer the amount into his own account.
Sushma Narula, Nirmal Baba's wife, is registered as the nominee.
Prabhat Khabar claims that Nirmal Baba transferred Rs 53 crores from one of these accounts into a private bank. 




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From journey a brickmaker to Nirmal Darbar

According to his brother-in-law Inder Singh Namdhari, he married Baba’s sister in 1964 when Nirmal was only 13-14 years old.

According tolocal daily, Namdhari said that Nirmal’s father was murdered so his mother had asked Namdhari to take Nirmal away and help him set up a business.

In 1970-71, Baba reached Medininagar and stayed there till 1981-82. He shifted to Ranchi in 1984 but returned to Delhi in the same year.
He set up his business in Modinagar in 1981-82, he had a brick kiln named ‘Nirmal Eent’ there.

Baba got a mining contract in Bahragoda (Jharkhand) in 1998-99. Namdhari said that Nirmal became spiritual during this time and he became Nirmal Baba.




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Even Nirmal Baba’s family is tightlipped about the incident that transformed a business man into a spiritual guru.
 Namdhari, who does not approve of Baba’s ways, said that if a man has been given special powers by God then these powers should be used for public good.

He questioned that why is there a need to publicise those powers? He added that people with such power should keep public welfare before fame.

Popularity of Nirmal Baba in india

The 'sixth eye' of Nirmal Baba has made quick progress among the fourth estate. And the Internet too is abuzz with netizens looking to know more about the 'mysterious Baba' and the truth behind his ascent to stardom.

In the last 3 months there has been a massive escalation in the inquisitiveness among people. Google search tools suggest that by the end of 2011 keywords like 'Nirmal Baba', 'samagam', 'Nirmal Darbar', his wallpapers, Facebook page, Youtube videos, pictures were in high demand on the search engine.
But in the past 3 months people have also begun investigating about the past of Nirmal Baba, his 'powers' and modes of contacting him. The increase in negative coverage creeping up on blogs and Facebook is evident int he fact that the keyword 'Fraud Nirmal Baba' is trending.

His Website has seen massive traffic
Until June 2011, Nirmalbaba.com saw approximately 5,000 hits every month. Since then the number has grown four-times over. In April 2012, this number has reached over 42,000 hits per day. As per Google Tools approximately 8 lakh people visit his site, and it receives 18lakh page views! This figure is more than a lot many News Websites.

Nirmal Baba is a rage on Facebook as well
There are two Facebook communities in the name of Nirmal Baba — one of them has approximately 13 lakh members. Though the page hasn't been updated since September 2011, it added 11,747 new members in April 2012; and 27,773 members in March 2012.
The other page in the name of Nirmal Baba has 3,53,000 members.
 Nirmal Baba's Twitter handle @NirmalBabaji too has around 42,000 followers.




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